Sunday, November 21, 2010

गाँव के दुःख दर्द में साझी बूढ़े बुर्ज




गाँव के खेतों में बुर्ज बूढ़े होने लग गए हैं. खेतों में अब बुर्ज की जगह पक्के कोठे बनने लग गए हैं. प्राचीन सभ्यता से पाश्चात्य सभ्यता की ओर धीरे धीरे गाँव के कदम बढ़ने लगे हैं. 

11 comments:

  1. सही लिखा है मित्र...पुरानी चीजें एक एक कर बदलती जा रही है..आपका ब्लॉग अच्छा लगा..

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  2. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    संस्‍कृत की सेवा में हमारा साथ देने के लिये आप सादर आमंत्रित हैं,
    संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।

    यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

    धन्‍यवाद

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  3. बेहतरीन, भावनाओं में यदि जड़ों की मौजूदगी हो, तो यह गर्व की बात है, मानवता के लिए, हम चाहते हैं, कि आप अपने गांव की प्राकृतिक, भौगोलिक व एतिहासिक बातों का दस्तावेज तैयार करे।
    शुभकामनायें
    संपादक
    दुधवा लाइव
    http://dudhwalive.com

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  4. बदलाव ही जिंदगी है।

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  5. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

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  6. blog footro hai..dharohar ro dhyaan jaruri hai. ai hai to apaan haan..sanskriti re roop men..

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  7. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  8. लेखन के मार्फ़त नव सृजन के लिये बढ़ाई और शुभकामनाएँ!
    -----------------------------------------
    आलेख-"संगठित जनता की एकजुट ताकत
    के आगे झुकना सत्ता की मजबूरी!"
    का अंश.........."या तो हम अत्याचारियों के जुल्म और मनमानी को सहते रहें या समाज के सभी अच्छे, सच्चे, देशभक्त, ईमानदार और न्यायप्रिय-सरकारी कर्मचारी, अफसर तथा आम लोग एकजुट होकर एक-दूसरे की ढाल बन जायें।"
    पूरा पढ़ने के लिए :-
    http://baasvoice.blogspot.com/2010/11/blog-post_29.html

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  9. भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    की तरफ से आप, आपके परिवार तथा इष्टमित्रो को होली की हार्दिक शुभकामना. यह मंच आपका स्वागत करता है, आप अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच

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  10. आपके इस ब्लॉग को "रंगीलो राजस्थान" टूलबार में जोड़ दिया गया है|
    टूलबार में यह ब्लॉगजगत- राजस्थान रा ब्लॉग- राजस्थान के गांव सेक्शन में दिखाई देगा|
    टूलबार आप यहाँ डाउनलोड कर सकते है|
    http://Royalrajasthan.OurToolbar.com/

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